Saturday, June 24, 2017

शायरी

अच्छा हुआ मुझे मिलन नहीं, जुदाई  मिली....
मिलके बिछड़नेका गम नहीं ।
ना मिले नसीब में फूल,  कांटें  ही सही,
काटोंको  मुरझाने का खोंफ  नहीं ।

ए मुहोब्बत, तेरा शुक्रिया ,....
सपनों में खोने का मौका दिया,...
चाहत और यादोंका मजा चखाया....
नीरस होता जीवन, तेरे बिना,....
कामयाब ना सही, अधूरेपन में जीना सिखाया ।

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