Wednesday, June 29, 2022

खुद

जिंदगी का रास्ता बहुत लंबा है,....
अभी कोसों चलना बाक़ी है ।
कईं तूफ़ान आए,....कईं बादल छाए,
हर फिक्र को धुंए में उडाना बाक़ी हैं ।
कुछ सुख-दुःख मिलें, कुछ साथी बिछङे,
अब तो बस, 'खुद' से मिलना बाक़ी है ।
✍ सुजाता

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