Friday, July 1, 2022

बेचारा

सूरज देता है रोशनी, और फूल, सुगंध ...
आग देगी जलन, कोई प्यार, तो कोई देगा गाली ।
जो है जिसके पास, वो ही देगा,
इसमें है कौनसी बात निराली ।
मैं लुटाऊं प्यार  - खूशी,
और वो फैला रहा नफरत और निराशा....
बेचारा, वो तो खुद है, 
चाहत- लगाव और आशा का प्यासा !
✍सुजाता

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