Saturday, August 29, 2020

आहिस्ता चल ऐ जिंदगी

आहिस्ता चल, ऐ जिंदगी,
अभी मुस्कुराना बाक़ी हैं ....
कईं गीत सुनना बाकी हैं,
कईं ख्बाब बुनना बाक़ी हैं ।
मंजिल तो मिलेगी जरूर....
सफ़र एन्जॉय करना भी जरूरी है ।
पतझड़ हो, या बहार....
हर हालमें खूष रहना जरूरी है ।
✍️ सुजाता

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