Wednesday, September 23, 2020

लौटना

हमारी चाहतों की कोई सीमा नहीं ।
लौटना ना जाने, वो जीना भी नहीं ।
हमारी जरूरतें तो सीमित हैं,
पर चाहतें अनंत ।
चाहतों का मोह हमें लौटने नहीं देता,
जो हमारे पास है, 
उसे भी समेटने नहीं देता ।
✍️ सुजाता

No comments: